अगर किसी बचत या चालू खाते में 10 साल तक कोई लेन-देन नहीं होता (न जमा, न निकासी, न ATM/इंटरनेट बैंकिंग), तो बैंक उसे “अनक्लेम्ड डिपॉजिट” या “दावा न की गई जमा राशि” मान लेता है. इसी तरह, अगर कोई फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) 10 साल तक परिपक्व होने के बाद भी निकाला नहीं जाता, तो उसे भी अनक्लेम्ड डिपॉजिट माना जाता है.
ऐसे खातों की जानकारी बैंक RBI को भेजता है और खाते की राशि को RBI के जमाकर्ता शिक्षण एवं जागरूकता (DEA) फंड में ट्रांसफर कर दिया जाता है. लेकिन यह राशि गायब नहीं होती — खाताधारक या उसके नॉमिनी/कानूनी वारिस बाद में भी उस पर दावा कर सकते हैं.
RBI के नए नियम: निष्क्रिय खाते और अनक्लेम्ड डिपॉजिट
RBI ने निष्क्रिय खातों और अनक्लेम्ड डिपॉजिट के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से लागू हो गए हैं. इनके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- निष्क्रिय खाता (Inoperative Account): अगर किसी खाते में 2 साल तक ग्राहक द्वारा कोई लेन-देन नहीं होता (जैसे निकासी, जमा, चेकबुक आदेश, KYC अपडेट), तो बैंक उसे “निष्क्रिय” घोषित कर सकता है.
- अनक्लेम्ड डिपॉजिट: अगर खाता 10 साल तक निष्क्रिय रहता है, तो उसकी राशि को अनक्लेम्ड डिपॉजिट मानकर DEA फंड में ट्रांसफर कर दिया जाता है.
- बैंकों की जिम्मेदारी: बैंकों को नियमित तौर पर ऐसे खातों की समीक्षा करनी होती है और ग्राहक को नोटिस, कॉल या पता ट्रेस करके सूचित करना होता है.
UDGAM पोर्टल: एक ही जगह से ढूंढें अपना भूला पैसा
RBI ने लोगों को अपने भूले-बिसरे बैंक खातों की जानकारी आसानी से मिले, इसके लिए UDGAM (Unclaimed Deposits – Gateway to Access Information) नामक एक केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है.
UDGAM पोर्टल के मुख्य फीचर्स:
- यहां एक ही जगह पर कई बैंकों के अनक्लेम्ड डिपॉजिट की जानकारी मिलती है.
- आप अपना नाम, बैंक का नाम और अन्य डिटेल्स डालकर चेक कर सकते हैं कि कहीं आपका या आपके परिवार का कोई खाता तो नहीं फंसा हुआ है.
- पोर्टल पर खाताधारक का नाम, पता (पिनकोड के बिना) और खाते की राशि दिखाई जाती है.
बैंक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है अनक्लेम्ड डिपॉजिट की लिस्ट
RBI के निर्देश के तहत, हर बैंक अपनी वेबसाइट पर 10 साल से अधिक समय से निष्क्रिय खातों की लिस्ट अपलोड करता है. इस लिस्ट में आमतौर पर शामिल होता है:
इस लिस्ट को बैंक की वेबसाइट के “Unclaimed Deposits” या “Inoperative Accounts” सेक्शन में ढूंढा जा सकता है.
अपना भूला पैसा वापस पाने के लिए क्या करें?
अगर UDGAM पोर्टल या बैंक की वेबसाइट पर आपका नाम दिखता है, तो आप अपना पैसा वापस पा सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:
- जरूरी दस्तावेज तैयार करें:
- बैंक शाखा में जाएं:
- वेरिफिकेशन और पैसा मिलना:
अगर खाताधारक का निधन हो चुका है तो क्या होगा?
अगर खाताधारक का निधन हो चुका है, तो बैंक खाते के नॉमिनी या कानूनी वारिस को पैसा देता है. इसके लिए निम्न दस्तावेज चाहिए:
- खाताधारक का डेथ सर्टिफिकेट
- नॉमिनी का आईडी और पता प्रूफ
- अगर नॉमिनी नहीं है, तो लीगल हीर सर्टिफिकेट या सक्सेशन सर्टिफिकेट
- बैंक का फॉर्म भरना और शाखा में जमा करना
बैंक वेरिफिकेशन के बाद नॉमिनी/वारिस के खाते में पैसा ट्रांसफर कर देगा.
बैंकों के पास फंसे पैसे का आंकड़ा (2025 के अनुसार)
सरकार ने संसद में बताया है कि देश के बैंकों में करोड़ों रुपए अनक्लेम्ड डिपॉजिट के रूप में फंसे हुए हैं:
- सरकारी बैंकों (PSBs) में कुल अनक्लेम्ड डिपॉजिट: लगभग ₹57,000 करोड़
- प्राइवेट बैंकों में कुल अनक्लेम्ड डिपॉजिट: लगभग ₹8,200 करोड़


